लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती (Mayawati) ने रविवार को संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखने और उनके राजनीतिकरण से बचने का आह्वान किया, विशेषकर राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष के पदों के संबंध में। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जारी एक बयान में मायावती ने कहा कि भारत के संविधान के आदर्शों और मूल्यों के अनुसार, राष्ट्रपति के पद का सम्मान करना और स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में ऐसे संवैधानिक पद का राजनीतिकरण करना अनुचित है।
वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि वह न केवल एक महिला हैं बल्कि आदिवासी समुदाय से भी आती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की हालिया पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था और ऐसा नहीं होना चाहिए था। मायावती ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पद के बढ़ते राजनीतिकरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान दलीय राजनीति से ऊपर होना चाहिए और उनकी गरिमा को बनाए रखना चाहिए।
बीएसपी प्रमुख ने आशा व्यक्त की कि सोमवार से शुरू होने वाला भारत की संसद का आगामी सत्र देश और जनता के हित में सुचारू रूप से चलेगा, जो कि जनता की अपेक्षा और समय की आवश्यकता दोनों है।


