लखनऊ। मायावती ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने दम पर अकेले लड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बसपा के किसी भी दल के साथ गठबंधन की खबरें पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और भ्रामक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जानबूझकर ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं ताकि पार्टी को नुकसान पहुंचाया जा सके।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे, पार्टी के विरोधी उन्हें सत्ता से दूर रखने के लिए साजिशें करेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सतर्क रहने और “हाथी की मस्त चाल” चलते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ष 2007 का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी तरह इस बार भी बसपा पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने की बजाय ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को सफलता की कुंजी बताने की चर्चाएं हो रही हैं, जो स्वार्थपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश के अंबेडकरवादियों को भीमराव अंबेडकर के आत्मसम्मान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए संगठित होकर काम करना चाहिए।
अन्य दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सोच संकीर्ण और अंबेडकर विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल जनता का ध्यान भटकाने के लिए बसपा के खिलाफ दुष्प्रचार करते रहते हैं।
दिल्ली स्थित अपने आवास को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से उन्हें लंबे समय बाद टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। इस पर भी कुछ लोग भ्रामक बातें फैला रहे हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।
उन्होंने 2 जून 1995 को हुए लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद 3 जून 1995 को बसपा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पहली बार सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि उसी समय से उन्हें केंद्र सरकार द्वारा उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई थी और वर्तमान में सुरक्षा खतरा कम होने के बजाय और बढ़ा है, जिसके चलते उन्हें यह आवास दिया गया है।

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