बाराबंकी। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसी किशोरी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूरतगंज और बाद में सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर किया गया था, जहां गुरुवार रात उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले दिए बयान में किशोरी ने एक युवक पर आग लगाकर जलाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला आत्मदाह का प्रतीत हो रहा है।
जानकारी के अनुसार मोहम्मदपुर खाला थाना के पीछे आग और धुएं का गुबार उठता देख पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो एक किशोरी जलती हुई अवस्था में मिली। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई और उसे तत्काल सीएचसी सूरतगंज पहुंचाया। वहां डॉ. शेख रिजवान ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उसे सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि किशोरी घर से नाराज होकर निकली थी और थाना परिसर के पीछे स्थित एक भट्टे के पास पहुंची। वहां किसी डिब्बे में पहले से मौजूद पेट्रोल अपने ऊपर उड़ेलकर आग लगा ली। आग लगने के बाद वह भागते हुए थाना की ओर आई और एक मचान के पास गिर गई।
हालांकि सीएचसी में महिला पुलिसकर्मियों को दिए अपने अंतिम बयान में किशोरी ने मोहम्मदपुर खाला चौराहे स्थित एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी पर आग लगाने का आरोप लगाया है। इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
परिजनों के अनुसार किशोरी शौच जाने की बात कहकर घर से निकली थी। करीब एक माह पूर्व सियार के काटने से उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है, जिससे परिवार पहले से ही सदमे में है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि एक युवक ने शादी का झांसा देकर किशोरी को अपने प्रेमजाल में फंसाया था और बाद में उससे किनारा कर लिया, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रभारी निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घर से नाराज होकर भट्ठे के पास आग लगाने का प्रतीत हो रहा है। पेट्रोल कहां से आया और वास्तविक कारण क्या था, इसकी गहन जांच की जा रही है। युवक पर लगाए गए आरोपों की भी सत्यता की पड़ताल की जा रही है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
किशोरी की जलने से मौत, मरने से पहले युवक पर लगाया आग लगाने का आरोप


