फर्रुखाबाद| अमृतपुर थाना क्षेत्र के अमैयापुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पांच साल के मासूम हार्दिक की इलाज के दौरान लगाए गए गलत इंजेक्शन के कारण मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने सीधे तौर पर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक हार्दिक के पिता मिथिलेश ने अमृतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका पांच साल का बेटा हार्दिक 28 दिसंबर को अचानक बीमार हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए रतनपुर स्थित एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने हार्दिक को इंजेक्शन लगाया और परिजनों को घर भेज दिया।
कुछ ही देर बाद हार्दिक की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उसके नाक से खून निकलने लगा और शरीर में कमजोरी दिखाई देने लगी। घबराए हुए परिजन हार्दिक को तुरंत उसी डॉक्टर के पास ले गए। इस बार डॉक्टर ने परिजनों को सलाह दी कि बच्चे को जिला अस्पताल ले जाएं।
तुरंत कार्रवाई करते हुए परिजन हार्दिक को लोहिया जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्दिक की आकस्मिक मौत ने परिजनों में भारी दुःख और रोष पैदा कर दिया। हार्दिक के पिता मिथिलेश ने कहा कि उनका बेटा केवल खांसी-जुकाम की समस्या के लिए डॉक्टर के पास गया था, लेकिन डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही अमृतपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्चे के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि मासूम की मौत डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कारण हुई या अन्य कारणों से।
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि यह घटना स्वास्थ्य क्षेत्र में गंभीर लापरवाही का उदाहरण है और छोटे बच्चों के इलाज में डॉक्टरों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





