34 C
Lucknow
Saturday, April 11, 2026

बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने तोड़ी किसानों की कमर, 60 फीसद आम की फसल बर्बाद

Must read

फर्रुखाबाद। जनपद समेत आसपास के क्षेत्रों में इस बार अप्रैल माह में भीषण गर्मी के बजाय ठंडी रातों, बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने आम उत्पादकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मौसम के लगातार बिगड़े मिजाज के चलते करीब 60 प्रतिशत आम की फसल खराब हो चुकी है, जिससे बागवानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। वहीं बची हुई फसल पर भी खतरा बना हुआ है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
दरअसल, मार्च माह की शुरुआत में तापमान में बढ़ोतरी के चलते आम के पेड़ों पर इस बार अच्छी मात्रा में बौर (मंजर) आया था। इसे देखकर किसानों और बागवानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी थी। कई किसानों ने पहले ही फसल को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी थीं और अच्छी आमदनी की आस लगाए बैठे थे। लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट बदल ली।
रात में ठंडक और दिन में हल्की गर्मी के उतार-चढ़ाव ने आम के बौर को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद लगातार हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने पेड़ों पर लगे बौर और छोटे फलों को झड़ने पर मजबूर कर दिया। कई जगहों पर तेज हवा के कारण पेड़ों की टहनियां तक टूट गईं, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
स्थानीय बागवानों का कहना है कि इस बार आम की फसल पर मौसम की मार इतनी अधिक पड़ी है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। कीटनाशक और देखभाल पर किए गए खर्च के बावजूद फसल का बड़ा हिस्सा खराब हो गया।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में हो रहे लगातार बदलाव का सीधा असर बागवानी पर पड़ रहा है। यदि आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही रहा तो बची हुई फसल पर भी संकट गहरा सकता है। प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की राहत की घोषणा नहीं की गई है, जिससे किसानों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
कुल मिलाकर, इस बार आम की फसल पर पड़ी मौसम की मार ने बागवानों के सपनों को तोड़ दिया है और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article