बरेली| बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रही जुल्म और ज्यादतियों को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बांग्लादेश के हालात बेहद नाजुक और चिंताजनक हो चुके हैं। वहां हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ रोजाना मॉब लिंचिंग, मारपीट, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो मानवता को शर्मसार करने वाली हैं।
मौलाना बरेलवी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल बांग्लादेश की आंतरिक शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रही हैं। उन्होंने भारत के मुसलमानों से अपील की कि यदि भारत में हिंदू समाज बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करता है, तो मुसलमानों को भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों की रक्षा और सुरक्षा के लिए आवाज उठाना सिर्फ किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे भारत के लोगों की जिम्मेदारी है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस्लाम मानवता, अमन और भाईचारे की शिक्षा देता है। इस्लाम के मुताबिक एक निर्दोष इंसान की हत्या पूरी इंसानियत की हत्या के बराबर है, लेकिन बांग्लादेश में कट्टरपंथी सोच रखने वाले लोग अपने कृत्यों से इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी ताकतें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ मिलकर बांग्लादेश को अस्थिर और बर्बाद करना चाहती हैं।
उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुहम्मद यूनुस की हुकूमत कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। मौलाना रजवी ने भारत में कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा भारत की घटनाओं को बांग्लादेश की घटनाओं से जोड़ने की कोशिशों की भी कड़ी आलोचना की और ऐसे लोगों को इंसानियत का दुश्मन बताया। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने की बजाय सभी को मिलकर मानवता, शांति और भाईचारे की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।

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