सामाजिक चेतना व शिक्षा क्रांति के अग्रदूतों को किया गया नमन

उरई (जालौन)। ग्राम गढ़र, उरई–कोंच रोड स्थित आयोजन स्थल पर माता सावित्रीबाई फुले जयंती एवं स्मृतिशेष राजेंद्र निरंजन के प्रथम स्मृति दिवस के अवसर पर भव्य प्रतिमा अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले, महिला शिक्षा की जनक माता सावित्रीबाई फुले, स्मृति शेष राजेंद्र निरंजन एवं स्मृति शेष सरला निरंजन की प्रतिमाओं का विधिवत अनावरण किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आज़ाद, सांसद रामशिरोमणि वर्मा, लोकपाल आर. आर. जैसवार, अपर पुलिस महानिदेशक अनिल किशोर यादव, आईएएस धीरेंद्र सचान, राष्ट्रीय ओबीसी आयोग के सदस्य कौशलेन्द्र सिंह पटेल, सामाजिक चिंतक लक्ष्मण यादव, नेशनल दस्तक के संपादक शंभू कुमार सिंह, आर्टिकल-19 के नवीन कुमार, सचिवालय संघ के अध्यक्ष अर्जुनदेव भारती, सेवानिवृत्त डीआईजी राधेश्याम विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त डीआईजी (जेल) बी. आर. वर्मा, जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार कटियार, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। वक्ताओं ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, पाखंड और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए मानवतावादी व समतामूलक समाज के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शिक्षा आंदोलन और सामाजिक न्याय के संघर्ष को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। इस अवसर पर समाजसेवा, शिक्षा, न्याय, चिकित्सा व सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। कुल नौ लोगों को शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इनमें ‘ज्योतिबा फुले चिकित्सा सेवा सम्मान–2026’, ‘स्वामी ब्रह्मानंद लोधी शिक्षा सेवा सम्मान’, ‘पेरियार ललई सामाजिक चेतना सम्मान’, ‘डॉ. भीमराव आंबेडकर न्यायिक सेवा सम्मान’, ‘सावित्रीबाई फुले शिक्षाविद सम्मान’, ‘सरदार पटेल विशिष्ट पुलिस सेवा सम्मान’ सहित अन्य सम्मान शामिल रहे। व अन्य लोगों कों भी शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन नेशनल जनमत के संपादक नीरज भाई पटेल ने किया।उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य समाज में सामाजिक चेतना जागृत करना और पाखंडवाद के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना है। समारोह में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने सामाजिक बदलाव की मजबूत इच्छा को दर्शाया।टीम बदलाव नें आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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