नाला चौड़ीकरण के लिए चला बुलडोजर
गोरखपुर। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए चल रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुर थाना क्षेत्र के गोड़धोइया पुल के पास स्थित ‘मासूम बाबा’ की मजार को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब उक्त मजार नाला चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ गई।
सूत्रों के अनुसार, गोड़धोइया नाले का चौड़ीकरण कार्य लंबे समय से प्रस्तावित था, ताकि बरसात के दौरान होने वाले जलभराव और शहर की ड्रेनेज समस्या को कम किया जा सके। जांच में पाया गया कि संबंधित मजार (लोक निर्माण विभाग) की जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई थी और निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रही थी।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को नोटिस भी दिया गया था। तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध ढांचे को हटा दिया। पूरी कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में की गई।
संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी, ताकि किसी प्रकार का विरोध या तनाव न उत्पन्न हो। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
अधिकारियों का कहना है कि गोड़धोइया नाले के चौड़ीकरण से शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। बरसात के मौसम में अक्सर इस क्षेत्र में पानी भर जाता था, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
अवैध कब्जों पर सख्त रुख
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नाला, सड़क और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। कुछ लोग इसे विकास और जनहित में जरूरी कदम बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग भावनात्मक रूप से इस घटना से जुड़े होने की बात भी कह रहे हैं।
कुल मिलाकर, गोरखपुर प्रशासन की यह कार्रवाई शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
सरकारी जमीन पर बनी ‘मासूम बाबा’ मजार ध्वस्त


