कासगंज। जनपद के पटियाली क्षेत्र के गांव दरियावगंज की एक युवती को शादी के कुछ माह बाद ही कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित कर घर से निकाल दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता ने पति और ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरियावगंज रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी कैलाश चंद्र ने तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह 11 नवंबर 2024 को हनी रावत निवासी सरस्वती स्कूल डबुआ कॉलोनी, सेक्टर-50, फरीदाबाद (हरियाणा) के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों से किया था। विवाह के समय अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज भी दिया गया था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति हनी रावत, ससुर आकाश, सास सपना तथा देवर मनी द्वारा दहेज में कार की मांग को लेकर उनकी पुत्री को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़िता के पिता का कहना है कि जब उन्हें बेटी की प्रताड़ना की जानकारी मिली तो वह रिश्तेदारों के साथ फरीदाबाद स्थित ससुराल पहुंचे और समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष कार की मांग पर अड़ा रहा। आरोप है कि 15 जून 2025 को उनकी पुत्री को जबरन गलत दवा खिला दी गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया। इस घटना के बाद भी कथित रूप से उसके साथ मारपीट जारी रही और 18 जून 2025 को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता किसी तरह मायके पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर पति सहित चार आरोपियों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, मारपीट एवं अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य संकलन और चिकित्सीय अभिलेखों की जांच की जा रही है। आवश्यक कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध विधिक कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि गर्भपात और दवा दिए जाने के आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित धाराएं और बढ़ाई जा सकती हैं। वहीं, पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण और बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है। मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और परिजन आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।


