पुलिस कार्रवाई पर लगाए गंभीर आरोप
वाराणसीl कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ आंदोलन से पहले रविवार को पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सहित कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए नेताओं को बाहर निकलने से रोक दिया, जिससे आंदोलन से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के लहुराबीर स्थित आवास पर पुलिस अधिकारी पहुंचे और उन्हें घर से बाहर न जाने की हिदायत दी।
अजय राय ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर योगी और मोदी सरकार के इशारे पर की गई दमनात्मक कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात से ही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई है ताकि मनरेगा बचाओ आंदोलन को रोका जा सके। अजय राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दमन से आंदोलन नहीं रुकेंगे और लोकतंत्र की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस की ओर से रविवार सुबह 10 बजे टाउनहॉल मैदागिन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रतीक उपवास का कार्यक्रम प्रस्तावित था। हालांकि पुलिस कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के पास प्रतीक उपवास पर बैठे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। वहीं कई अन्य नेताओं और पदाधिकारियों को भी उनके घरों से बाहर जाने से रोक दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट कर अपनी नजरबंदी की जानकारी साझा करते हुए भाजपा सरकार पर बौखलाहट में लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया। उनके इस पोस्ट को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने व्यापक रूप से साझा किया और मनरेगा बचाओ आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। उधर, पुलिस कार्रवाई के विरोध में पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।
कुल मिलाकर, मनरेगा बचाओ आंदोलन से पहले की गई पुलिस कार्रवाई ने वाराणसी की राजनीति में हलचल मचा दी है, जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ आंदोलन की अलख जगाते नजर आ रहे






