– प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में पहली बार शुरू होगी सुविधा, सर्जरी के दौरान निकाली गई हड्डियां बनेंगी दूसरे मरीजों के इलाज का सहारा
लखनऊ। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू ) में जल्द ही बोन बैंक की शुरुआत होने जा रही है। इसके लिए जरूरी उपकरण विश्वविद्यालय में पहुंच चुके हैं और लाइसेंस स्वीकृत होते ही इस बैंक को चालू कर दिया जाएगा।
यह सुविधा शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में यह पहला बोन बैंक होगा, जिससे कई गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। डॉक्टरों के अनुसार कई जटिल सर्जरी के दौरान मरीजों के शरीर से निकाली गई हड्डियां अक्सर उपयोग में नहीं आ पाती थीं, लेकिन अब इन्हें संरक्षित कर दूसरे जरूरतमंद मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
बोन बैंक में हड्डियों को सुरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। निकाली गई हड्डियों को माइनस 80 डिग्री तापमान पर विशेष फ्रीजर में संरक्षित किया जाएगा, ताकि उनकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे और जरूरत पड़ने पर सर्जरी में उनका उपयोग किया जा सके।
चिकित्सकों का कहना है कि इस सुविधा से ऑर्थोपेडिक सर्जरी और ट्रॉमा मामलों में बड़ी मदद मिलेगी। कई बार दुर्घटना या गंभीर बीमारी के कारण मरीजों को हड्डी प्रत्यारोपण की जरूरत होती है, ऐसे में बोन बैंक से उपलब्ध हड्डियां इलाज को आसान और प्रभावी बना देंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल न केवल प्रदेश के मरीजों के लिए राहत भरी होगी, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।


