कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के नेटवर्क पर कमिश्नरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। पुलिस टीम ने गाजियाबाद में छापेमारी कर दो ओटी (ऑपरेशन थिएटर) असिस्टेंट को गिरफ्तार किया है, जो शास्त्रीनगर स्थित आहूजा नर्सिंग होम में हुए अवैध ट्रांसप्लांट के दौरान मौजूद थे। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य व्यवस्था में चल रहे अवैध कारोबार को लेकर हड़कंप मच गया है।
जांच में सामने आया है कि ऑपरेशन के बाद आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से फरार हुए। वे अलग-अलग लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर गाजियाबाद के वैशाली पहुंचे थे। वहां से गिरोह के सदस्य अलग-अलग दिशाओं में बंट गए—कुछ लखनऊ के लिए रवाना हुए, जबकि अन्य ने हवाई मार्ग से अलग-अलग शहरों की ओर रुख किया, जिससे पुलिस के लिए उनका पीछा करना चुनौतीपूर्ण हो गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार ओटी असिस्टेंट से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस पूरे नेटवर्क में शामिल एक डॉक्टर को मुख्य कड़ी माना जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है और सर्विलांस के जरिए मोबाइल लोकेशन व सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह रैकेट सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है। पुलिस अब लखनऊ से फरार हुए अन्य पांच संदिग्धों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और इस अवैध धंधे पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


