बरेली
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के पुरनापुर गांव में हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। दो पक्षों के विवाद में चली गोली सड़क किनारे खड़ी एक महिला को लगने के मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने कड़ा कदम उठाते हुए तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
घटना चार अप्रैल की बताई जा रही है, जब गांव में दो पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। दोनों पक्ष थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने केवल निरोधात्मक कार्रवाई कर मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मौके पर जाना जरूरी नहीं समझा। इसी लापरवाही का नतीजा अगले दिन गंभीर रूप में सामने आया।
अगले दिन एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को घेरकर फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली पास में खड़ी एक विधवा महिला के माथे पर जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज किया गया, लेकिन तब तक स्थिति बिगड़ चुकी थी।
मामले में जांच के दौरान सामने आया कि तत्कालीन इंस्पेक्टर सीपी शुक्ला ने थाना छोड़ने से ठीक पहले आरोपी पक्ष की ओर से क्रॉस रिपोर्ट दर्ज की थी। इस पर अनुराग आर्य (एसएसपी) ने जांच कराई, जिसमें लापरवाही और अनियमितता की पुष्टि हुई।
जांच के आधार पर इंस्पेक्टर सीपी शुक्ला, हल्का प्रभारी दरोगा अमरेश कुमार और बीट आरक्षी आकाश को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने और लापरवाही पर सख्त संदेश देने के तौर पर देखी जा रही है।
वहीं, इस मामले में मुख्य आरोपी अमित कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में उसने बताया कि लड़की को लेकर पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की गई थी, लेकिन महिला को गोली गलती से लग गई। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।


