लखनऊ
राजधानी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ टीम ने रायबरेली रोड स्थित बिंदौवा गांव के पास छापेमारी करते हुए एक कंटेनर में छिपाकर लाया गया भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान दो तस्करों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि बरामद गांजे की कुल मात्रा 7.33 क्विंटल बताई जा रही है, जिसकी अंतरराज्यीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
एसटीएफ के उपाधीक्षक धर्मेश शाही ने बताया कि टीम को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि रायबरेली रोड पर स्थित बिंदौवा गांव के पास “बाबा के ढाबा” के नजदीक एक कंटेनर के जरिए अवैध मादक पदार्थ की खेप लाई जा रही है। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने घेराबंदी कर कंटेनर को रोक लिया और तलाशी के दौरान उसमें छिपाकर रखा गया 7.33 क्विंटल गांजा बरामद किया। साथ ही मौके से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि वे गांजा ओडिशा और आंध्र प्रदेश से सस्ते दामों में खरीदकर उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे नेटवर्क का एक सरगना है, जो बिहार सहित कई राज्यों में गांजे की सप्लाई कराता है और बड़े स्तर पर मुनाफा कमाता है।
एसटीएफ के अनुसार, यह एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि प्रदेश में किन-किन स्थानों पर इस खेप की सप्लाई की जानी थी।
इस कार्रवाई को राजधानी में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।


