– ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप
फर्रुखाबाद, मोहम्मदाबाद। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निसाई में सामने आए चर्चित रिश्वतखोरी प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया है। दरोगा पर करीब ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है, जिसके आधार पर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग इस कार्रवाई को सख्त कदम बताते हुए मामले में निष्पक्ष जांच का दावा कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब ग्राम प्रधान गीता देवी एवं उनके परिजनों ने दरोगा पर रिश्वत मांगने और लेने का आरोप लगाया। आरोप है कि मामले में कार्रवाई करने के नाम पर दरोगा द्वारा बड़ी रकम की मांग की गई थी, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद जहां एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को पारदर्शी और कठोर बता रही है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मामले को आगे न बढ़ाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे और उनका परिवार असहज महसूस कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के न्याय की लड़ाई लड़ सकें। उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए, जिससे दोषी को सजा मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
यह प्रकरण सामने आने के बाद जिले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आमजन के बीच भी इस घटना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच उच्चाधिकारियों की निगरानी में की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, आरोपी दरोगा न्यायिक प्रक्रिया के तहत है और आगे की जांच जारी है। आने वाले समय में जांच के आधार पर और भी तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे प्रकरण की तस्वीर और स्पष्ट होगी। जिले में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


