अयोध्या। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्मनगरी अयोध्या में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सरयू तट स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच गई। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा अयोध्या धाम गूंज उठा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की। पूरे अयोध्या धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में विभाजित किया गया। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों की तैनाती के साथ अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। मंदिर परिसर और सरयू तट के आसपास विशेष सतर्कता बरती गई।
नागेश्वरनाथ मंदिर के अलावा क्षीरेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। संवेदनशील स्थलों पर बैरिकेडिंग की गई और आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन लागू किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुचारु बना रहे।
पूरे धाम क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की गई। भीड़ और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया गया। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों और एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रखा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि जोन और सेक्टर व्यवस्था के तहत सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार भ्रमण कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
महाशिवरात्रि के अवसर पर सरयू स्नान और जलाभिषेक के साथ-साथ शहर के विभिन्न मंदिरों में रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए। देर रात तक श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा। प्रशासन का दावा है कि सुनियोजित प्रबंधन के चलते कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा






