सात थानाध्यक्ष व पीएसी तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी
इटावा: ऊसराहार स्थित हजारी महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थागत तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने मंदिर परिसर व मेला क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह यादव को निर्देशित किया कि गंगाजल से भरी कांच की बोतलों को एक स्थान पर एकत्रित कर व्यवस्थित रूप से चढ़ाने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि परिसर में कांच टूटने जैसी घटनाओं से बचाव हो सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा के मद्देनजर सात थानाध्यक्ष, दस इंस्पेक्टर, 105 सिपाही, 60 महिला कांस्टेबल तथा दो सेक्शन पीएसी तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त दस ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभालेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन दमकल वाहन भी तैनात किए जाएंगे।
मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी, जबकि प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर 14 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे, जहां चार पहिया वाहनों को रोककर निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराया जाएगा। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए चार अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी श्वेता मिश्रा, क्षेत्राधिकारी भरथना रामदवन मौर्य एवं थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने भी पूर्व में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया था। प्रशासन ने कांवड़ियों और सामान्य भक्तों के लिए अलग-अलग मार्ग और प्रवेश द्वार निर्धारित किए हैं, ताकि दर्शन में बाधा न आए और भीड़ का दबाव नियंत्रित रखा जा सके।
थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि यद्यपि महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के तहत 13 फरवरी से ही पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हो सके।


