– मऊदरवाजा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, संगठित अपराध पर शिकंजा
फर्रुखाबाद। जनपद में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात माफिया अनुपम दुबे और उसके नेटवर्क पर गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कस दिया है। थाना मऊदरवाजा में दर्ज नई प्राथमिकी के बाद गुरुवार को पुलिस ने उसके भाइयों सहित कई करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया।
अनुपम दुबे फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा का निवासी है और ठेकेदार शमीम व इंस्पेक्टर रामनिवास यादव हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। अब उसके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में दर्ज ताजा मुकदमे ने एक बार फिर जिले की सियासत और आपराधिक जगत में हलचल मचा दी है।
पुलिस द्वारा दर्ज रिपोर्ट में अनुपम दुबे के अलावा उसके भाई और मोहम्मदाबाद ब्लॉक प्रमुख अमित दुबे उर्फ बब्बन, अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, किलमापुर निवासी धर्मेंद्र चतुर्वेदी, मैनपुरी जनपद के बिछवां निवासी आदेश सिंह, बेवर निवासी विनीत दुबे तथा अल्लागंज बढ़पुर निवासी महेंद्र कटियार को नामजद किया गया है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित आपराधिक गतिविधियों, आर्थिक लाभ के अवैध नेटवर्क और दबंगई की शिकायतों को देखते हुए की गई है।
ताबड़तोड़ गिरफ्तारी अभियान
गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।
अमित दुबे उर्फ बब्बन को डीआईओएस कार्यालय के बाहर से हिरासत में लिया गया।
अनुराग दुबे उर्फ डब्बन को उसके आवास से गिरफ्तार किया गया।
धर्मेंद्र चतुर्वेदी को किलमापुर से दबोचा गया।
विनीत दुबे और महेंद्र कटियार को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार, व्यापारी नेता मोहन अग्रवाल द्वारा माफिया अनुपम दुबे और उसके सहयोगियों के खिलाफ तहरीर दी गई थी। शिकायत में कथित रूप से संगठित तरीके से दबाव बनाने और अवैध गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे।
तहरीर की जांच के बाद पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है।
एसपी ने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है और संगठित अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई इस कार्रवाई से जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आम लोगों के बीच यह संदेश गया है कि पुलिस प्रशासन अब संगठित अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के मूड में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैंगस्टर एक्ट के मामलों में ठोस साक्ष्य और प्रभावी पैरवी होती है, तो इससे जिले में आपराधिक नेटवर्क पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
मऊदरवाजा थाना पुलिस की इस कार्रवाई को फर्रुखाबाद में माफिया तंत्र के खिलाफ बड़ा कदम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि न्यायालय में इस मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और प्रशासन आगे क्या रणनीति अपनाता है।
गैंगस्टर एक्ट में माफिया अनुपम दुबे के भाइयों समेत कई गुंडों को पुलिस नें दबोचा


