मदरसों पर एटीएस की सख्त नजर, आठ जिलों में मौलवियों-छात्रों की विस्तृत जांच शुरू

0
38

लखनऊ। दिल्ली धमाके के बाद आतंकवादी मॉड्यूल की जांच का दायरा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। प्रदेश में संचालित मदरसों पर एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा—इन आठ जिलों के मदरसों से छात्रों, मौलवियों और प्रबंधकों की पूरी जानकारी मांगी गई है। इसमें उनका नाम, पिता का नाम, स्थायी पता और मोबाइल नंबर शामिल है।

सूत्रों के अनुसार, सहारनपुर से पकड़े गए जम्मू-कश्मीर निवासी डॉ. अदील की जांच के दौरान कई मदरसों से जुड़े मौलवी और छात्र संदिग्ध पाए गए थे, जिनमें बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर के निवासी बताए जा रहे हैं। इसी आधार पर एटीएस ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है।

एटीएस की तरफ से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेजा गया पत्र भी सामने आया है, जिसमें मदरसों में पढ़ने-पढ़ाने वालों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से नेपाल सीमा से सटे मदरसों पर अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया है, क्योंकि सीमा पार गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों की आशंका अधिक रहती है।

प्रदेश सरकार ने दो वर्ष पहले ही मदरसों को मिलने वाली विदेशी फंडिंग की गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। आरोप है कि विदेशों से आने वाली धनराशि का उपयोग शिक्षा के विकास के बजाय देश-विरोधी गतिविधियों, अवैध मतांतरण और संगठित नेटवर्क को मजबूत करने में किया जा रहा था।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है और किसी भी मदरसे में अवैध गतिविधि या संदिग्ध फंडिंग पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एटीएस की यह कार्रवाई प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की संवेदनशीलता और सतर्कता को दर्शाती है, ताकि दिल्ली धमाके जैसे मामलों की जड़ तक पहुंचकर किसी भी संभावित नेटवर्क को समय रहते ध्वस्त किया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here