संगम में गंगा पूजन कर की स्नान पर्वों की सफलता की कामना
प्रयागराज| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने प्रयागराज दौरे के दौरान संगम नगरी पहुंचे, जहां उन्होंने संगम नोज पर संत-महात्माओं की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत गंगा पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य आयोजन की कामना की। संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद मुख्यमंत्री ने कुछ समय ध्यान साधना में भी बिताया और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।
गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संगम नोज से मोटर बोट के माध्यम से वीआईपी घाट के लिए रवाना हुए। वहां पहुंचकर उन्होंने ऐतिहासिक बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री सतुआ बाबा आश्रम स्थित शिविर पहुंचे, जहां उन्होंने जगद्गुरु रामानंदाचार्य के प्राकट्य एवं पुष्पांजलि समारोह में भाग लिया और संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने माघ मेला क्षेत्र में स्नान पर्वों को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं के आगमन और प्रस्थान की व्यवस्थाओं, यातायात संचालन, सुरक्षा इंतजाम, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आस्था के इस महापर्व में व्यवस्थाएं अनुकरणीय बनें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और हर स्तर पर सतर्कता बरतें, ताकि मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पूर्ण श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो सकें।




