फर्रुखाबाद। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध माघ मेला रामनगरिया अब अपने आध्यात्मिक शिखर की ओर निरंतर अग्रसर है। गंगा तट पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु निरंतर मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, जिससे रामनगरिया का पूरा इलाका धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा है।
माघ मेले में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इसी कारण निर्धारित स्नान पर्व से कई दिन पहले ही गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। श्रद्धालु कल्पवास, दान-पुण्य, हवन-पूजन, जप-तप और गंगा स्नान के उद्देश्य से बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु परिवार सहित तो कई साधु-संत और तपस्वी लंबी अवधि के कल्पवास के लिए डेरा जमाए हुए हैं।
भीषण ठंड, घने कोहरे और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा तट की ओर रुख कर रहे हैं। हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। घाटों पर साधु-संतों के मंत्रोच्चार, शंखनाद और भजन-कीर्तन से पूरा मेला क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आ रहा है।
मेला क्षेत्र में स्थापित विभिन्न अखाड़ों, संत शिविरों और धर्मशालाओं में प्रवचन, कथा-वाचन और सत्संग का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है। संत-महात्मा श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म और जीवन मूल्यों का संदेश दे रहे हैं। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में पारंपरिक भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिल रही है, जहां लोकगीत, भजन मंडलियां और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में है। घाटों और मेला परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल, जल पुलिस, गोताखोरों की टीम तथा स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें एंबुलेंस के साथ मौके पर मौजूद हैं। साथ ही अस्थायी चिकित्सालयों की व्यवस्था भी की गई है, जहां ठंड से संबंधित बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का तत्काल उपचार किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और ठहराव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेला क्षेत्र में नियमित रूप से निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोका जा सके। मेला प्रशासन की ओर से समय-समय पर लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, गहरे पानी में उतरने से बचें और अपने साथ आए बुजुर्गों, महिलाओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। ठंड को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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