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Sunday, March 1, 2026

चंद्र ग्रहण 2026: भारत में 3 मार्च को दिखेगा दुर्लभ ब्लड मून

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नई दिल्ली: भारतीय खगोल प्रेमियों को 3 मार्च, 2026 को एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने का अवसर मिलेगा। यह इस वर्ष का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए तांबे जैसे लाल रंग में दिखाई देगा, जिसे खगोलविद ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) कहते हैं। यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश स्थानों से दिखाई देगा, सिवाय देश के सुदूर पश्चिमी भागों के।

उत्तर-पूर्वी भारत और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों से चंद्र ग्रहण का सबसे अद्भुत दृश्य दिखाई देगा, क्योंकि वहां पूर्ण ग्रहण का अंतिम चरण देखा जा सकेगा। भारत के अलावा, यह पूर्ण चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के क्षेत्र में भी दिखाई देगा। कोलकाता स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के स्थितिगत खगोलीय केंद्र के अनुसार, पूर्ण चंद्रग्रहण 12 फाल्गुन, 1947 शक युग को होगा। यह भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:48 बजे समाप्त होगा।

पूर्ण चंद्रग्रहण शाम 4:34 बजे शुरू होगा और शाम 5:33 बजे समाप्त होगा। इसकी तीव्रता 1.155 होगी। हैदराबाद में पूर्ण चंद्रग्रहण की अवधि 26 मिनट होगी। चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। यह खगोलीय घटना तब घटित होती है जब तीनों एक सीधी रेखा में होते हैं। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाता है, जबकि आंशिक चंद्र ग्रहण तभी होता है जब चंद्रमा का एक भाग पृथ्वी की छाया में आ जाता है।

यह खगोलीय घटना भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर चंद्रग्रहण भारत से दिखाई नहीं देता। पिछला चंद्रग्रहण 7-8 सितंबर, 2025 को हुआ था। अगला चंद्रग्रहण, जो भारत में दिखाई देगा, 6 जुलाई, 2028 को होगा। यह आंशिक चंद्रग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए दर्शकों को किसी भी प्रकार के सुरक्षात्मक फिल्टर या चश्मे की आवश्यकता नहीं है।

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