नई दिल्लीl मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ने का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक अहम और राहत भरा निर्णय लेते हुए कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का कोटा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जो 23 मार्च 2026 यानी सोमवार से लागू हो जाएगा। इस फैसले को होटल इंडस्ट्री, खाद्य व्यवसाय और श्रमिक वर्ग के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा उन क्षेत्रों को मिलेगा, जो सीधे तौर पर एलपीजी पर निर्भर हैं। प्राथमिकता सूची में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, औद्योगिक कैंटीन, सरकारी सब्सिडी वाली कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी उद्योग शामिल किए गए हैं। इन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से एलपीजी की कमी के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा था, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ा था। अब कोटा बढ़ने से इन व्यवसायों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी और बाजार में स्थिरता आएगी।
इसके अलावा, सरकार ने आम जनजीवन और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) को भी इस योजना में शामिल किया है। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने वाली ये रसोई गैस की कमी से जूझ रही थीं, जिन्हें अब राहत मिलने की उम्मीद है। प्रवासी मजदूरों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है, जिसके तहत उन्हें 5 किलो वाले छोटे ‘फ्री ट्रेड एलपीजी’ सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उन मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा, जो शहरों में अस्थायी रूप से रहकर काम करते हैं और बड़े सिलेंडर का खर्च वहन नहीं कर पाते।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर इस संकट का असर न पड़े। इसी के तहत स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य आवश्यक संस्थानों को भी प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। कुल कमर्शियल एलपीजी आवंटन का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अब इन जरूरी सेवाओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को दिया जाएगा, जिससे देश में आवश्यक सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रह सकें।
हालांकि, इस बढ़े हुए कोटे का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ नई शर्तें भी लागू की हैं। जिन उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत आवंटन का फायदा उठाना है, उन्हें सिटी गैस वितरण नेटवर्क के तहत पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन लेने की दिशा में कदम उठाने होंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को संबंधित एजेंसियों के पास आवेदन करना अनिवार्य होगा।
इसी क्रम में बपीसीएल ने भी अपने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ‘भारतगैस’ उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब कमर्शियल एलपीजी के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को पहले कंपनी के साथ पंजीकरण कराना होगा। साथ ही उन्हें अपने क्षेत्र के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन के लिए भी आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उपभोक्ता बढ़े हुए एलपीजी कोटे के पात्र माने जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण है, जब अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते ऊर्जा आपूर्ति पर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में यह फैसला न केवल व्यापारिक गतिविधियों को गति देगा, बल्कि आम लोगों, खासकर गरीब और श्रमिक वर्ग को भी बड़ी राहत प्रदान करेगा। साथ ही, PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने से भविष्य में स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा की दिशा में भी यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
कल से लागू होगा केंद्र का बड़ा फैसला: कमर्शियल LPG कोटा 30% से बढ़ाकर 50%, होटल-रेस्टोरेंट, उद्योग और मजदूरों को बड़ी राहत


