फर्रुखाबाद। जनपद में रसोई गैस की किल्लत का असर अब छोटे दुकानदारों और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है। बीते करीब 10 दिनों से गैस सिलेंडर की कमी के चलते होटल, ढाबे और छोटे खाने-पीने के कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
जानकारी के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से कई ढाबे और होटल पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे न केवल कारोबारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि वहां काम करने वाले कारीगरों और कर्मचारियों का रोजगार भी छिन गया है।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गैस नहीं मिलने के कारण उनका काम पूरी तरह प्रभावित है। चाय की दुकान, ठेले और छोटे होटल संचालकों को रोजाना होने वाली आमदनी बंद हो गई है, जिससे उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
होटल और ढाबों के बंद होने से वहां काम करने वाले रसोइयों, हेल्परों और अन्य कर्मचारियों को भी काम नहीं मिल पा रहा है। कई कारीगरों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में दूसरे काम तलाशने पड़ रहे हैं।
गैस की किल्लत का असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि आम घरों की रसोई भी प्रभावित हो रही है। कई परिवारों को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से भोजन बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द गैस आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
फिलहाल फर्रुखाबाद में गैस की कमी से जनजीवन प्रभावित है और लोग जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
गैस की किल्लत से छोटे दुकानदारों पर संकट, ढाबे बंद, रोजगार पर असर


