नई दिल्ली
देश में रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने चिंता जताई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन अफवाहों के कारण कई जगहों पर अनावश्यक घबराहट और पैनिक बायिंग की स्थिति बन रही है।
मंत्रालय के अनुसार, अभी केवल 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो हालात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने अपने पत्र में कहा है कि कुछ क्षेत्रों में अब भी गलत सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बन रहा है और आपूर्ति प्रणाली पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करें और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लोगों तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाएं। इससे आम जनता को यह भरोसा दिलाया जा सके कि एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और वितरण प्रणाली सुचारु रूप से काम कर रही है।
साथ ही, मंत्रालय ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी निगरानी रखते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बाजार में कृत्रिम संकट पैदा न हो सके।
गौरतलब है कि हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक सप्लाई चेन पर असर की आशंका जताई गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर फर्जी खबरें तेजी से फैलने लगीं। हालांकि, केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।


