हाथों से लिखे गए पर्चे
फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक बिजली की लाइन में फाल्ट आ जाने से अस्पताल की पूरी इंटरनेट व्यवस्था ठप हो गई। इंटरनेट बंद होने के कारण अस्पताल में बनने वाले ऑनलाइन परचे नहीं बन सके, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बिजली की लाइन में फाल्ट के चलते कंप्यूटर सिस्टम और नेटवर्क पूरी तरह से बंद हो गया। ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था ठप होने के बाद अस्पताल कर्मचारियों को मजबूरी में हाथों से लिखकर मरीजों के परिचय और पर्चे तैयार करने पड़े। इससे न केवल कामकाज की गति धीमी हो गई, बल्कि मरीजों की लंबी कतारें भी लग गईं।
सुबह से ही अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को पर्चा बनवाने में काफी समय लग गया। कई मरीजों ने बताया कि पहले से ही बीमारी की पीड़ा झेल रहे मरीजों को तकनीकी खराबी के कारण अतिरिक्त मानसिक तनाव झेलना पड़ा। बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर रोगियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगमोहन शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और इलेक्ट्रीशियन को मौके पर बुलाया। जांच में बिजली की जली हुई लाइन सामने आई, जिसे तत्काल ठीक कराया गया। काफी मशक्कत के बाद बिजली लाइन दुरुस्त होने पर इंटरनेट सेवा बहाल हो सकी, तब जाकर ऑनलाइन पर्चा व्यवस्था फिर से शुरू हुई।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिए परेशानी हुई, लेकिन कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हाथ से पर्चे बनाकर मरीजों के इलाज में कोई बाधा नहीं आने दी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की समस्या से बचने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
हालांकि घटना के दौरान मरीजों और तीमारदारों को काफी असुविधा झेलनी पड़ी, लेकिन समय रहते समस्या के समाधान से स्थिति सामान्य हो सकी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मजबूत बिजली और तकनीकी बैकअप व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर कर दिया

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