– स्वस्थ जीवन के लिए जानिए शरीर के जरूरी मानक, 40 के बाद सेहत का रखें खास ध्यान
– ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन सहित कई पैरामीटर का संतुलन जरूरी, विशेषज्ञों ने दी नियमित जांच और व्यायाम की सलाह
लखनऊ: स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के लिए शरीर के कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों का संतुलित रहना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि व्यक्ति अपने शरीर के प्रमुख पैरामीटर पर नियमित ध्यान दे और संतुलित जीवनशैली अपनाए तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। खासकर 40, 50 और 60 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच और सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।
शरीर के प्रमुख स्वास्थ्य मानक
डॉक्टरों के अनुसार सामान्य रूप से शरीर के कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक इस प्रकार होने चाहिए—
ब्लड प्रेशर: 120/80
पल्स रेट: 70 से 100 प्रति मिनट
शरीर का तापमान: 36.8 से 37 डिग्री सेल्सियस
सांस लेने की दर: 12 से 16 प्रति मिनट
हीमोग्लोबिन:
पुरुष: 13.5 से 18
महिलाएं: 11.5 से 16
कोलेस्ट्रॉल: 130 से 200
पोटेशियम: 3.5 से 5
सोडियम: 135 से 145
ट्राइग्लिसराइड्स: लगभग 220 तक
पीसीवी (खून की मात्रा): 30 से 40 प्रतिशत
ब्लड शुगर:
बच्चों में: 70 से 120
वयस्कों में: 80 से 130
आयरन: 8 से 15 मिलीग्राम
श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC): 4000 से 11000
प्लेटलेट्स: 1,50,000 से 4,00,000लाल रक्त कोशिकाएं (RBC): 4.5 से 6 मिलियन,कैल्शियम: 8.6 से 10.3 mg/dlविटामिन D3: 20 से 50 ng/mlविटामिन B12: 200 से 900 pg/मल हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन मानकों में असंतुलन होता है तो हृदय रोग, मधुमेह, एनीमिया और अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार 40 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए इस उम्र में नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हो जाता है। 50 वर्ष के बाद ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करानी चाहिए। साथ ही हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन-D का पर्याप्त सेवन जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 60 वर्ष के बाद व्यक्ति को हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। साथ ही योग, प्राणायाम, नियमित टहलना और मानसिक तनाव से दूर रहना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराकर व्यक्ति कई गंभीर बीमारियों से बच सकता है और लंबा, स्वस्थ जीवन जी सकता है।


