फर्रुखाबाद। नहर विभाग की घोर लापरवाही के चलते क्षेत्र की निचली गंगा नहर सूखी पड़ी है, जिससे सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसलें संकट में आ गई हैं। भीषण गर्मी के बीच फसलों को पानी न मिलने से किसान बेहद मायूस और चिंतित नजर आ रहे हैं। किसानों ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से तत्काल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार शमशाबाद क्षेत्र से होकर गुजरने वाली निचली गंगा नहर दर्जनों गांवों के किसानों की जीवनरेखा मानी जाती है। इसी नहर के सहारे खेतों की सिंचाई होती है, लेकिन पिछले करीब 20 दिनों से नहर पूरी तरह सूखी पड़ी है। हालात यह हैं कि जहां एक ओर खेतों में गन्ना, मक्का, मूंगफली और अन्य फसलें तैयार हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर पानी के अभाव में उनकी सिंचाई नहीं हो पा रही है।
किसानों का कहना है कि इस समय फसलों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। यदि समय रहते सिंचाई नहीं हुई तो उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, नहर में पानी न होने के कारण पशु-पक्षियों को भी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
किसान राजेश कुमार, श्यामवीर, रामवीर, दिनेश कुमार, शिवराम, सुशील कुमार, सुदेश कुमार, उदयवीर, नितिन कुमार राजपूत और रमेश चंद्र श्रीवास्तव सहित कई किसानों ने बताया कि लंबे समय से नहर में पानी न आने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले हुई बेमौसम बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन यदि बारिश न होती तो हालात और भी खराब हो जाते।
किसानों ने यह भी बताया कि मजबूरी में उन्हें संपन्न किसानों या निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी ट्यूबवेल से सिंचाई कराने के लिए 150 से 200 रुपये प्रति घंटे तक का भुगतान करना पड़ रहा है, जो छोटे और गरीब किसानों के लिए बेहद कठिन है। किसानों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में जहां दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल है, वहीं इतनी महंगी सिंचाई कर पाना उनके बस की बात नहीं है।
उधर, सिंचाई से वंचित किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि निचली गंगा नहर में तत्काल पानी छोड़ा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी टेल तक पहुंचे, ताकि सभी किसानों को बराबर लाभ मिल सके।
वहीं भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने भी किसानों की समस्या को गंभीर बताते हुए नहर विभाग से तत्काल सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
नहर विभाग की लापरवाही से सूखी निचली गंगा नहर, सिंचाई को तरसे किसान, लाखों के नुकसान का खतरा


