फर्रुखाबाद। बिना पूरी जांच कराए मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने से कुछ दिन पूर्व दूसरे मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों को इन्फेक्शन होने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इसी क्रम में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में अब मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पूर्व मरीजों की सभी आवश्यक जांच कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रत्येक मरीज की एचआईवी, शुगर, ब्लड प्रेशर (बीपी) समेत अन्य जरूरी चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। सभी रिपोर्ट सामान्य आने के बाद ही ऑपरेशन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की जिंदगी के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. मेघा सक्सेना ने बताया कि पूर्व में सामने आए इन्फेक्शन के मामलों को देखते हुए यह कदम मरीजों और चिकित्सकों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। जांच के अभाव में ऑपरेशन करने से न सिर्फ मरीज की जान को खतरा हो सकता है, बल्कि चिकित्सकीय स्टाफ के लिए भी गंभीर संक्रमण का खतरा बना रहता है।
उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद भले ही एक सामान्य ऑपरेशन माना जाता हो, लेकिन यदि मरीज को पहले से कोई गंभीर बीमारी हो और उसकी जानकारी न हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी कारण अब हर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और सभी जरूरी जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही ऑपरेशन किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था से अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा।
स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही और संक्रमण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।





