कानपुर। शहर में चर्चा का विषय बने लैंबॉर्गिनी कार प्रकरण में शुक्रवार को अहम मोड़ आया। करीब 20 दिन तक पुलिस अभिरक्षा में रहने के बाद कोर्ट के आदेश पर लग्जरी कार को रिलीज कर वाहन स्वामी के सुपुर्द कर दिया गया। आवश्यक दस्तावेजों की जांच और न्यायालय की विधिवत अनुमति मिलने के बाद थाने स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
सूत्रों के अनुसार यह हाई-प्रोफाइल मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब करोड़ों रुपये कीमत की स्पोर्ट्स कार को पुलिस ने केस प्रॉपर्टी मानते हुए सीज कर लिया था। जांच के दौरान वाहन को सुरक्षित रखा गया और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। मामले में आरोपी शिवम मिश्रा फिलहाल जमानत पर हैं और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय में वाहन स्वामी की ओर से स्वामित्व से जुड़े सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद अदालत ने वाहन को सशर्त रिलीज करने का आदेश जारी किया। आदेश प्राप्त होते ही स्थानीय थाने में रिलीज प्रक्रिया शुरू की गई। इसमें पहचान सत्यापन, जमानतनामा और अन्य विधिक शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया।
कार की रिहाई के दौरान सुरक्षा और कानूनी औपचारिकताओं का विशेष ध्यान रखा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वाहन की रिलीज का अर्थ यह नहीं है कि मामले की जांच समाप्त हो गई है। केस से जुड़े अन्य पहलुओं की विवेचना नियमानुसार जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
लैंबॉर्गिनी जैसी सुपर लग्जरी कार के कारण यह मामला लंबे समय तक शहर में चर्चा का केंद्र बना रहा। अब कोर्ट के आदेश के अनुपालन में वाहन स्वामी को कार सौंप दी गई है।
चर्चित लैंबॉर्गिनी प्रकरण में बड़ा अपडेट: कोर्ट आदेश पर 20 दिन बाद लग्जरी कार रिलीज


