ऋषिकेश। लक्सर में पेशी के दौरान पुलिस वाहन पर हुए हमले में गोली लगने से घायल कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी की उपचार के दौरान एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई। गंभीर हालत में भर्ती विनय त्यागी को आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
मुजफ्फरनगर जनपद के गांव खाईखेड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को बुधवार को हरिद्वार पुलिस की एक टीम रुड़की कारागार से लक्सर कोर्ट पेशी पर ले जा रही थी। छह पुलिसकर्मी टाटा सूमो वाहन में उसके साथ सवार थे। जैसे ही पुलिस वाहन लक्सर रेलवे ओवरब्रिज पर जाम में फंसा, उसी दौरान बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने अचानक पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में विनय त्यागी को गर्दन और हाथ में गोलियां लगीं, जबकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। फायरिंग के बाद हमलावर असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गए थे।
घायल विनय त्यागी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर अवस्था में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर उसके शरीर से गोलियां निकालीं, लेकिन गोली लगने से उसकी आंतें फट चुकी थीं और संक्रमण तेजी से फैल गया था। हालत लगातार बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस सनसनीखेज हमले के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों सनी यादव उर्फ शेरा और अजय को खानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी काशीपुर, उधमसिंह नगर के निवासी बताए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
बताया गया है कि विनय त्यागी मेरठ का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था और सुनील राठी गैंग से जुड़ा हुआ था। उसे एक अक्टूबर को देहरादून पुलिस ने लाखों की नकदी और जेवर चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। हरिद्वार में दर्ज अन्य मुकदमों के चलते 12 दिसंबर को उसे रुड़की जेल शिफ्ट किया गया था। विनय त्यागी और उसकी पत्नी के खिलाफ लक्सर थाने में एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज है और उसी मामले में उसकी पेशी होनी थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मामले की गहन जांच जारी है।





