लखीमपुर खेरी: लखीमपुर खेरी (Lakhimpur Kheri) जिले के भीरा थाना (Bhira police station) क्षेत्र के 40 वर्षीय एक व्यक्ति (man) की कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई, जबकि पुलिस उसे चिकित्सा उपचार के लिए ले जा रही थी। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने पुलिस और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने सभी आरोपों से इनकार किया है। मृतक की पहचान भीरा थाना क्षेत्र के मेधाईपुरवा गांव के निवासी सुजीत मिश्रा के रूप में हुई है।
मंगलवार को सुजीत ने पुलिस को फोन किया और आत्महत्या करने की धमकी दी। फोन पर उसने आरोप लगाया कि एक स्थानीय युवक और उसकी महिला मित्र उसे परेशान कर रहे थे, धमका रहे थे और उससे 5 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सुजीत का पता लगाया और उसे भीरा थाना ला रही थी। हालांकि, जैसे ही वे थाना द्वार पर पहुंचे, सुजीत अचानक गिर पड़ा और दर्द से तड़पने लगा। उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है।
पुलिस ने तुरंत उसे बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, सीतापुर के पास रास्ते में ही सुजीत की मौत हो गई। सुजीत की मौत के बाद, उसके परिवार ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे प्रभावशाली लोगों के इशारे पर गांव से उठाया, हिरासत में उसकी पिटाई की और डर व दबाव के कारण सुजीत ने जहर खा लिया।
सुजीत के भाई शुभम मिश्रा ने आरोप लगाया कि गोल्डी नाम का एक व्यक्ति और उसकी महिला मित्र लंबे समय से सुजीत को परेशान कर रहे थे। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सुजीत और भीरा स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रोहित दुबे के बीच हुई बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
ऑडियो में सुजीत को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसे न्याय नहीं मिल रहा है और वह बार-बार आत्महत्या करने की धमकी दे रहा है, साथ ही उन लोगों के नाम भी ले रहा है जो कथित तौर पर उसे परेशान कर रहे थे। पुलिस ने आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि सुजीत का मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। पुलिस का दावा है कि सुजीत मिश्रा एक युवती के मित्र थे। बताया जा रहा है कि सुजीत पहले से विवाहित हैं।
युवती उन पर शादी करने का दबाव डाल रही थी और इनकार करने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की धमकी दे रही थी। सुजीत का यह भी आरोप है कि उनसे पांच लाख रुपये की उगाही की जा रही थी। इस स्थिति से वे काफी परेशान थे। उन्होंने मंगलवार को पहली बार पुलिस को फोन किया। सर्किल ऑफिसर (गोला) रमेश तिवारी ने कहा कि पुलिस पर लगे आरोप निराधार हैं और परिवार से लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


