इटावा। जनपद के भरथना रेलवे स्टेशन पर रविवार को मानवता और तत्परता की मिसाल देखने को मिली, जब चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला की मदद के लिए रेलवे और सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की। समय रहते ट्रेन को रुकवाकर महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव के बाद नवजात की किलकारी गूंज उठी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के दरभंगा जनपद के हरिसिंहपुर गांव निवासी संजन देवी अपने भाई माधव के साथ आनंद विहार से दरभंगा जा रही थीं। वह गाड़ी संख्या 12436 आनंद विहार-जयनगर गरीब रथ एक्सप्रेस के कोच जी-4 में सवार थीं। ट्रेन इटावा पार कर कानपुर की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
महिला की हालत बिगड़ते देख सहयात्रियों ने तुरंत रेलवे स्टाफ और आरपीएफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही ‘ऑपरेशन मातृ शक्ति’ के तहत रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया और ट्रेन को तत्काल भरथना स्टेशन पर रुकवाया गया। स्टेशन पर पहले से मौजूद आरपीएफ कर्मियों और रेलवे कर्मचारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महिला को एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और कुछ ही समय में महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद परिजनों और यात्रियों ने राहत की सांस ली और रेलवे व सुरक्षा बलों की तत्परता की सराहना की।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर की गई त्वरित कार्रवाई किसी भी आपात स्थिति में जीवन बचाने में कितनी अहम होती है। वहीं ‘ऑपरेशन मातृ शक्ति’ के तहत की गई इस मदद को लेकर स्थानीय स्तर पर भी रेलवे प्रशासन की सराहना हो रही है।
घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा कि यदि थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की मुस्तैदी से एक बड़ी अनहोनी टल गई और एक नए जीवन का स्वागत सुरक्षित माहौल में हो सका।


