मुंबई| अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सिंगरामऊ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार को UGC जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर लोकसभा में अपना रुख पूरी स्पष्टता के साथ रखना चाहिए।
मुंबई मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पश्चात संगठन ने कई बड़े आयोजन रोक दिए थे, क्योंकि यह उम्मीद थी कि सरकार सवर्ण समाज के हित में यूजीसी से जुड़े फैसले को वापस ले लेगी। शासनिक-प्रशासनिक गोष्ठियों और मौजूदा हालात को देखते हुए यह संभावना बन रही है कि सरकार इस विषय पर बड़े स्तर पर बदलाव के साथ जल्द ही कोई घोषणा कर सकती है।
कुंवर हरिवंश सिंह ने बताया कि वे 15 फरवरी को लखनऊ में आयोजित बैठक में भी उपस्थित रहेंगे, जहां इस विषय पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने हिंदुस्तान के सवर्ण समाज की ओर से नरेंद्र मोदी से दृढ़ और स्पष्ट शब्दों में अपील करते हुए कहा कि यूजीसी जैसे विवादास्पद कानून पर सरकार को तत्काल पुनर्विचार करते हुए इसे वापस लेना चाहिए। यह कानून सामाजिक संतुलन, समानता और आपसी सौहार्द की मूल भावना को कमजोर करता प्रतीत हो रहा है, जिससे देश में भ्रम, असंतोष और वैचारिक टकराव की स्थिति बन रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल अपेक्षा नहीं, बल्कि सरकार से स्पष्ट मांग है कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय को अविलंब सुधारे। साथ ही देश के सभी माननीय सांसदों एवं विधायकों से भी आग्रह किया कि वे इस कानून को वापस लेने के लिए राष्ट्रपति महोदय एवं प्रधानमंत्री को लिखित रूप से अवगत कराएं और अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें।
कुंवर हरिवंश सिंह ने कहा कि देश की एकता, सामाजिक समरसता और न्यायपूर्ण व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यूजीसी कानून का तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है। जनता का विश्वास सत्ता के बल से नहीं, बल्कि संवेदनशील, न्यायसंगत और जनहितकारी निर्णयों से कायम रहता है।






