लखनऊ| प्रदेश ने बीते दिन घने कोहरे ने कहर बरपाया। कम दृश्यता के बावजूद तेज रफ्तार, विपरीत दिशा में वाहन चलाना और हेलमेट न पहनने जैसी लापरवाहियां जानलेवा साबित हुईं। अलग-अलग जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए। इन हादसों में 50 से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए, जिनमें पुलिस और पीएसी के वाहन भी शामिल रहे। घायलों में पीएसी के आठ जवान भी बताए गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सबसे दर्दनाक हादसा रामपुर जिले में सामने आया। यहां रविवार सुबह करीब नौ बजे मिलक क्षेत्र के रहने वाले मान सिंह अपने बेटे सूरज और भतीजे कल्यान के साथ बाइक से मजदूरी के लिए जा रहे थे। घने कोहरे के कारण सामने से आ रहे वाहन नजर नहीं आए और इसी दौरान गलत दिशा से आए एक ऑटो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मुरादाबाद, अमरोहा, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, फिरोजाबाद, मेरठ और बागपत समेत कई जिलों में हाईवे और मुख्य सड़कों पर कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही। कई स्थानों पर ट्रक, बस, कार, बाइक और ऑटो आपस में भिड़ गए। कहीं पीछे से आ रहे वाहनों ने आगे खड़े वाहनों को टक्कर मारी तो कहीं गलत दिशा में आ रहे वाहनों ने आमने-सामने की भिड़ंत को जन्म दिया। बरेली और शाहजहांपुर में हाईवे पर एक के बाद एक कई वाहन टकरा गए, जिससे लंबा जाम लग गया।
मेरठ और बागपत में हुए हादसों में पुलिस और पीएसी के वाहन भी चपेट में आ गए। बताया गया कि ड्यूटी पर तैनात पीएसी के आठ जवान हादसों में घायल हुए हैं। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि अधिकांश हादसों की वजह तेज रफ्तार, कोहरे में लापरवाही से वाहन चलाना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। कई दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के चल रहे थे, जिससे चोटें गंभीर हो गईं। हादसों के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं, लाइट का सही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।






