कासगंज
जनपद के नदरई क्षेत्र के गांव बरेला में एक दर्दनाक हादसे ने श्रमिकों में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया। शुक्रवार दोपहर भट्ठे की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में दबकर एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों में भारी रोष देखने को मिला और उन्होंने अगले दिन से काम बंद कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव बरेला स्थित ईंट भट्ठे पर शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मजदूर कार्य कर रहे थे। तभी अचानक भट्ठे की एक कमजोर दीवार गिर गई और वहां काम कर रहे 26 वर्षीय करन पुत्र कुंवरपाल निवासी गांव ततारपुर माफी, थाना मिरहची, जनपद एटा मलबे में दब गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 55 वर्षीय तिलक सिंह निवासी रूपनगर, थाना मिरहची, जिला एटा घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद मृतक के साथी मजदूरों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। उन्होंने भट्ठे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए शनिवार को काम करने से साफ इनकार कर दिया। मजदूरों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी भट्ठे की दीवार तीन बार गिर चुकी है। बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद भट्ठा संचालक द्वारा कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, जिससे मजदूरों में भय का माहौल बना हुआ है।
जनपद रायबरेली निवासी मजदूर सोहन और विनोद ने बताया कि लगातार हो रही घटनाओं से वे बेहद डरे हुए हैं और अब अपनी जान जोखिम में डालकर काम नहीं कर सकते। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
इस पूरे मामले में सहायक श्रमायुक्त विद्याप्रकाश ने बताया कि मजदूर की मौत को गंभीरता से लेते हुए भट्ठा संचालक के खिलाफ श्रम कानून की धारा-10 के तहत नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमानुसार मृतक मजदूर के परिजनों को क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में शोक और गुस्से का माहौल है। प्रशासन से मजदूरों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।


