– गाजियाबाद, मेरठ और लखनऊ तक फैला नेटवर्क
– सीएमओ ने अस्पतालों को थमाए नोटिस
कानपुर।कथित किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट का मामला अब तेजी से खुलता जा रहा है। जांच में सामने आया है कि अवैध ट्रांसप्लांट से कमाए गए रुपयों से गाजियाबाद, मेरठ और लखनऊ में अस्पताल तक खड़े किए गए। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह सिंडिकेट लंबे समय से अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का खेल चला रहा था। गरीब और जरूरतमंद लोगों को लालच देकर या दबाव बनाकर उनसे किडनी ली जाती थी, जबकि अमीर मरीजों से भारी रकम वसूली जाती थी। इस पूरे नेटवर्क में दलाल, डॉक्टर और अन्य सहयोगियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गाजियाबाद, मेरठ और लखनऊ में संदिग्ध अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रशासन इन अस्पतालों के दस्तावेजों, लाइसेंस और ट्रांसप्लांट रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है।
इस केस में आज एक अहम कड़ी माने जा रहे ड्राइवर शिवम के बयान दर्ज किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि शिवम इस पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों से जुड़ा रहा है और उसके मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उसके बयान से इस अवैध नेटवर्क के बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं।
किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट पर शिकंजा, अवैध कमाई से खड़े किए अस्पताल—जांच तेज


