यूथ इंडिया संवाददाता
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। फोर लाइन चौड़ीकरण के दौरान सड़क किनारे बनाए गए नालों की कमजोर निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर उजागर हो गई। जलालाबाद क्षेत्र के याकूबपुर चौराहे पर बुधवार को उस समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब कानपुर से शाहजहांपुर जा रहा निमोनिया गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक सड़क किनारे बने जर्जर नाले के टूटे पटले में फंस गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक जैसे ही याकूबपुर चौराहे से शाहजहांपुर की ओर मुड़ा, अचानक नाले का पटला धंस गया। ट्रक का एक टायर नाले में उतर गया, जिससे वाहन असंतुलित हो गया और पलटने की कगार पर पहुंच गया। कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यदि ट्रक पलट जाता तो गैस सिलेंडरों के कारण बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि चौराहा घनी आबादी के बीच स्थित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फोर लाइन चौड़ीकरण के बाद सड़क किनारे बनाए गए नाले शुरू से ही कमजोर बने हैं। आए दिन इन नालों के पटले टूटने से वाहन फंस जाते हैं। इससे पहले भी कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहन हादसे का शिकार होते-होते बचे हैं।
बताया जाता है कि इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की गई। कुछ माह पूर्व जिला अधिकारी के निर्देश पर नालों की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किए जाने के कारण नाले दोबारा जर्जर हालत में पहुंच गए और एक बार फिर हादसे की वजह बन गए।


