
एसओजी की कड़ी पूछताछ में टूटी चुप्पी, अमृतपुर क्षेत्र का मामला
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र में आठ माह पूर्व लापता हुए युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसओजी टीम ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरे मामले का राज खुलकर सामने आ गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर एक स्थान पर गड्ढा खुदवाया गया, जहां से युवक का शव बरामद किया गया। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि युवक करीब आठ माह पहले अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। अब एसओजी की कार्रवाई के बाद मामला खुलने से परिजनों को आंशिक राहत मिली है, हालांकि घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
इस मामले में पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने होमगार्ड और एक ग्राम प्रधान के माध्यम से पैसे पहुंचाकर जांच को प्रभावित किया। उनका आरोप है कि इस लेन-देन के चलते आरोपियों को लगातार संरक्षण मिलता रहा और कार्रवाई में देरी हुई।
परिवार ने तत्कालीन थानाध्यक्ष मोनू शाक्या और विवेचक रवि सोलंकी पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, आरोपियों के कहने पर भैंसों और प्लॉट की खरीद-फरोख्त तक कराई गई और जानबूझकर जांच को कमजोर किया गया, जिससे मामला लंबे समय तक दबा रहा।
हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना के खुलासे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पूरे मामले में संभावित मिलीभगत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


