एटा: जलेसर रोड स्थित विमला देवी इंस्टीट्यूट (Vimala Devi Institute) के प्रांगण में आदर्श सनातन समिति के तत्वावधान में खंड अवागढ़ हिंदू महासम्मेलन (Khand Avagarh Hindu Mahasammelan organized) का भव्य आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में क्षेत्र भर से हजारों की संख्या में सनातन धर्मावलंबियों ने भाग लिया और सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण तथा सनातन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सम्मेलन का उद्देश्य समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ते हुए एकजुटता का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आदर्श सनातन समिति के अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह ‘राजू भैया’ ने की, जबकि कार्यक्रम अध्यक्ष की भूमिका ठाकुर हेमंत ने निभाई। आयोजन की शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात नन्हे बच्चों द्वारा देशभक्ति पर आधारित नाटक प्रस्तुत किए गए, जिनमें सामाजिक संदेश और राष्ट्रप्रेम की भावना झलकती रही। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया गया।
सम्मेलन में एटा से पहुंचीं मुख्य वक्ता कुसुम पांडेय ने समाज की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज समाज जिन समस्याओं से जूझ रहा है, उनका मुख्य कारण अपनी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को भूलकर पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ना है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बढ़ती बीमारियों और पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त की। साथ ही जल के अंधाधुंध दोहन के कारण भू-जल स्तर में 70 से 200 फुट तक आई गिरावट को गंभीर समस्या बताया।
कुसुम पांडेय ने अपने संबोधन में सनातन जीवन शैली अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और विशेष रूप से जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाज सचेत नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को भारी संकट का सामना करना पड़ेगा। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, संस्कारों के संरक्षण और युवाओं को संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर भी अपने विचार रखे।
महासम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज में एकता बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।


