लखनऊ| आज एक रंग-बिरंगे उत्सव का शुभारंभ हुआ, जब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा और वस्त्र मंत्री श्री राकेश सचान जी ने खादी भवन, तिलक मार्ग, डालीबाग में 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री ने शिल्पकारों, कलाकारों और आम जनता से संवाद करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल कला का मंच नहीं बल्कि प्रदेश के ग्रामीण और शहरी शिल्पकारों की प्रतिभा और परिश्रम को प्रदर्शित करने का अवसर है।
इस महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 50 प्रदर्शनी-दुकानें लगी हैं, जहां मिट्टी की मूर्तियों, बर्तनों, सजावटी आइटम, पारंपरिक और आधुनिक माटीकला शिल्प को प्रदर्शित किया गया। राकेश सचान जी ने कहा कि यह महोत्सव शिल्पकारों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक पहचान देने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रयास है। मंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया कि मीडिया प्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम को कवरेज करने के लिए विशेष आमंत्रण दिया गया है, ताकि महोत्सव की गतिविधियों और कलाकारों की मेहनत को पूरे प्रदेश में प्रदर्शित किया जा सके।
इस महोत्सव में आने वाले दर्शक माटीकला के विभिन्न तकनीकी पहलुओं को न केवल देख पाएंगे बल्कि शिल्पकारों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और कला की गहराई को भी समझ सकेंगे। आयोजक समिति ने बताया कि महोत्सव 19 अक्टूबर तक चलेगा और इस दौरान कई विशेष कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। राकेश सचान जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि खादी, हथकरघा और माटीकला को आधुनिक बाजार में नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है और यह महोत्सव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





