नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक़ अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले का मुद्दा गुरुवार को संसद में भी गूंजा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए, जबकि केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
राज्यसभा में मुद्दा उठाते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर हमला होना बेहद चिंताजनक है और इससे जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त था, लेकिन अब वहां की पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन है। ऐसी स्थिति में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर आती है। खरगे ने कहा कि अगर सुरक्षाकर्मियों ने समय पर कार्रवाई न की होती तो फारूक अब्दुल्ला की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने से ही वहां के लोगों की सुरक्षा और विश्वास मजबूत हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि बुधवार रात फारूक अब्दुल्ला पर हुआ हमला बेहद गंभीर और चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह गंभीर है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। गिरफ्तार आरोपी के इरादों और पृष्ठभूमि की भी गहराई से जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके और वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर घटना को राजनीतिक दृष्टि से देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के सरकार पर गंभीर आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटना को राज्य का दर्जा न मिलने से जोड़ना गलत है और विपक्ष को इस मुद्दे पर जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि एक वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
गौरतलब है कि बुधवार देर रात जम्मू के ग्रेटर कैलाश , जम्मू क्षेत्र में स्थित एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद लौटते समय फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई थी। बताया गया कि आरोपी कमल सिंह जमवाल ने उनके सिर के पास पिस्तौल से फायर करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और पूर्व मुख्यमंत्री बाल-बाल बच गए। सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फारूक अब्दुल्ला पर हमले का मुद्दा संसद में गूंजा, खरगे ने उठाए सुरक्षा के सवाल; नड्डा बोले—घटना की होगी पूरी जांच


