लखनऊ| राजधानी स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की महिला रेजीडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज मलिक को कोर्ट ने 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड मंजूर होने के बाद पुलिस आरोपी से गोपनीय स्थान पर गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य आरोपी का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद करना है, जिनमें धर्मांतरण से जुड़े अहम साक्ष्य होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बड़ी मात्रा में डाटा डिलीट किया था। पुलिस डाटा रिकवरी की तैयारी में जुटी है। बताया जा रहा है कि आरोपी के लैपटॉप में धर्मांतरण से जुड़े नेटवर्क, गिरोह के सदस्यों की सूची और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद हैं। इसके अलावा, आरोपी की गिरफ्तारी से पहले की गतिविधियों और वह किन-किन स्थानों पर गया, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) भी आरोपी से पूछताछ करेगी। पुलिस रमीज मलिक के दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. परवेज और कथित धर्मांतरण गिरोह संचालक छांगुर से संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। साथ ही, आरोपी के बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी ने किन लोगों की मदद से अलग-अलग शहरों में पनाह ली। सूत्रों का दावा है कि आरोपी कुछ समय नेपाल में भी छिपकर रहा था। ऐसे में उसके नेपाल जाने के रास्ते और मददगारों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, आरोपी से यह भी पूछा जा रहा है कि उसने और कितनी महिलाओं को अपने जाल में फंसाया।
शासन के निर्देश पर एसटीएफ ने भी जांच तेज कर दी है। एसटीएफ की टीम ने केजीएमयू परिसर में छानबीन की है और अब आरोपी से आमने-सामने पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। पुलिस और एसटीएफ दोनों ही स्तर पर मामले की परत-दर-परत जांच जारी है।





