पुलिस की तीन टीमें तलाश में जुटीं
लखनऊ| राजधानी में केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर लगे धर्मांतरण के प्रयास और यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। चौक थाना पुलिस और पूर्वी जोन की टीमें आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन रमीज हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले ही ठिकाने बदल ले रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसकी तलाश में उत्तराखंड के खटीमा, बरेली समेत कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्विलांस सिस्टम भी फिलहाल कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। पुलिस को आरोपी के परिजनों से मिले इनपुट के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि कोर्ट बंद होने के कारण अभी पीड़िता का बयान दर्ज नहीं हो सका है, ऐसे में पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है। हालांकि, डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पूरा मामला केजीएमयू की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़ा है, जिसने रमीज मलिक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, दोनों के बीच दोस्ती हुई थी और अगस्त माह में आरोपी उसके किराये के कमरे पर पहुंचा, जहां उसने शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। सितंबर में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और जबरन गर्भपात करा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि रमीज पहले से शादीशुदा है और उसने एक अन्य हिंदू युवती का धर्मांतरण कराकर उससे विवाह किया था। इसी तरह उसने पीड़िता पर भी धर्म बदलने का दबाव बनाया और ब्लैकमेल करने लगा। मानसिक उत्पीड़न से टूट चुकी पीड़िता ने 17 दिसंबर की सुबह दवाओं की ओवरडोज लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था। इस सनसनीखेज मामले ने केजीएमयू सहित पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है, जबकि आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।





