लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शादी का झांसा देकर रेप, जबरन गर्भपात और धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोपों में जेल भेजे गए जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीजउद्दीन नायक की पुलिस रिमांड के दौरान अहम खुलासा हुआ है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दो लैपटॉप बरामद किए हैं, जिनमें कई अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक फोटो मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, इन लैपटॉप में उन महिला डॉक्टरों के साथ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है, जिनसे आरोपी ने निकाह किया था या निकाह की तैयारी कर रहा था।
पीड़ित महिला डॉक्टर ने चौक थाना में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया था कि जुलाई माह में उसकी आरोपी से दोस्ती हुई थी। इसके बाद आरोपी ने शादी का झांसा देकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। सितंबर में पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी ने उसकी सहमति के बिना गर्भपात करवा दिया। अक्टूबर में जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया तो नवंबर में आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान पीड़िता की मुलाकात दिल्ली में रहने वाली एक अन्य महिला डॉक्टर से हुई, जिसने बताया कि आरोपी की पहले ही शादी हो चुकी है। यह जानने के बाद पीड़िता ने आरोपी से दूरी बना ली।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी उसके पीछे पड़ गया और धमकी देने लगा कि अगर उसने बात नहीं मानी तो उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल कर देगा। इस शिकायत पर चौक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखे से शारीरिक संबंध बनाने, महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धाराएं भी लगाई गईं।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली निवासी महिला डॉक्टर के बयान भी दर्ज किए थे। उक्त महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका भी यौन शोषण किया, जबरन गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया। इस पूरे मामले में आरोपी के माता-पिता की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को 5 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी से पहले उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी रमीज के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए थे। रिमांड के दौरान उसकी निशानदेही पर दो लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि मोबाइल और लैपटॉप से काफी डेटा डिलीट किया गया है। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि डिलीट किया गया डेटा रिकवर कराया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि डेटा रिकवरी के बाद मामले से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले साक्ष्य सामने आ सकते हैं।






