लखनऊ। केजीएमयू में सामने आए मतांतरण मामले को लेकर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। डॉ. रमीजुद्दीन और उसके पिता की मतांतरण गतिविधियों में संलिप्तता के साक्ष्य मिलने के बाद अब पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल केजीएमयू तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई जिलों और बाहरी क्षेत्रों तक फैले हो सकते हैं।
नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए डॉ. रमीजुद्दीन की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। इन्हीं कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस तरह मतांतरण से जुड़े लोगों से उसका तालमेल बना हुआ था। इसी क्रम में दो विशेष टीमें पीलीभीत में रहने वाले मतांतरण के आरोपित काजी और उसके एक साथी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि फरारी के दौरान डॉ. रमीजुद्दीन ने दिल्ली सहित प्रदेश के पांच जिलों में शरण ली थी। उसे शरण देने वाले लोगों की पहचान पुलिस और जांच एजेंसियों ने कर ली है। इन सभी के नाम-पते संबंधित जिलों की पुलिस को भेज दिए गए हैं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि केजीएमयू से जुड़े कुछ लोग फरारी के दौरान रमीजुद्दीन के संपर्क में बने हुए थे और उसे पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रहे थे। एजेंसियों की निगाहें केजीएमयू की दो महिला स्टाफ और एक अन्य डॉक्टर पर भी टिकी हुई हैं, जिनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
उधर, चौक पुलिस को डॉ. रमीजुद्दीन के पास से एक नया मोबाइल फोन मिला है। बताया जा रहा है कि उसने जानबूझकर अपने पुराने मोबाइल से व्हाट्सएप, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्य डिलीट कर दिए थे और बाद में वह मोबाइल कहीं फेंक दिया। पुलिस अब उस पुराने मोबाइल को रिकवर करने की कोशिश कर रही है, ताकि अहम डिजिटल सबूत जुटाए जा सकें।
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। केजीएमयू के हॉस्टलों में ऑनलाइन तरीके से ‘अमेरिकन गांजा’ की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस अवैध नेटवर्क को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया है और इसकी कड़ियों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि कुछ मेडिकल स्टाफ को बाहर की चाय की दुकानों से देशी गांजा उपलब्ध कराया जा रहा था। पुलिस अब इस नशे के नेटवर्क को भी मतांतरण मामले से जोड़कर जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।






