लखनऊ| केजीएमयू से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और अन्य गंभीर आरोपों में वांछित जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉक्टर कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। रमीज पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और वह काफी समय से फरार चल रहा था।
पीड़िता की शिकायत पर चौक थाना पुलिस ने रमीज के खिलाफ धोखे से शारीरिक संबंध बनाने, महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके साथ ही आरोपी पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धाराएं भी लगाई गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य महिला डॉक्टर के भी बयान दर्ज किए थे। महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि आरोपी रमीज ने उसके साथ भी शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया और जबरन गर्भपात कराया। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और बाद में निकाह कराया गया। इस पूरे मामले में आरोपी डॉक्टर के माता-पिता की भी संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस ने रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को 5 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी ठाकुरगंज स्थित अपने किराए के मकान में कुछ सामान निकालने पहुंचा है और इसके बाद वह कोर्ट में सरेंडर करने के इरादे से अपने वकील से मिलने जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और दिन में ही सिटी स्टेशन के पास से आरोपी रमीज को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। केजीएमयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़े इस मामले ने चिकित्सा जगत और समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






