मैनपुरी
गैस सिलिंडर की बढ़ती किल्लत और एजेंसियों पर लग रही लंबी कतारों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। एलपीजी सप्लाई पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मिट्टी के तेल (केरोसिन) की आपूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत जनपद के दो चयनित पेट्रोल पंपों के माध्यम से आम लोगों को मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिलेगी।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेष रूप से अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर मैनपुरी सहित कई जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोगों को घंटों लाइन में लगकर सिलिंडर का इंतजार करना पड़ रहा है।
इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने केरोसिन वितरण को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। योजना के अनुसार, जनपद के दो पेट्रोल पंपों को चिन्हित किया जाएगा, जहां प्रत्येक पंप पर करीब 5-5 हजार लीटर मिट्टी के तेल का स्टॉक रखा जाएगा। इसके बाद आम जनता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका वितरण किया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्षों पहले जिले में राशन कार्ड धारकों को उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से मिट्टी का तेल दिया जाता था। पहले प्रति कार्ड लगभग 5 लीटर तक केरोसिन मिलता था, जो धीरे-धीरे घटकर वर्ष 2018 तक मात्र 1 लीटर रह गया था। इसके बाद राशन की दुकानों से केरोसिन वितरण पूरी तरह बंद कर दिया गया था। साथ ही जिले में मौजूद केरोसिन के डिपो भी बंद हो गए, जिससे लोगों ने धीरे-धीरे मिट्टी के तेल से चलने वाले उपकरण जैसे स्टोव और लैंप का उपयोग बंद कर दिया।
अब एक बार फिर से केरोसिन वितरण शुरू होने की खबर से लोगों में उम्मीद जगी है। हालांकि, जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही शासन स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, वितरण की प्रक्रिया, मात्रा और पात्रता को लेकर पूरी योजना तैयार कर लागू की जाएगी।
फिलहाल लोग इस नई व्यवस्था के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उन्हें गैस संकट के बीच राहत मिल सके और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में आसानी हो।


