मेरठ। लगातार फुंक रहे ट्रांसफॉर्मरों और लंबे समय तक बने बिजली संकट को लेकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बिजली अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार ट्रांसफॉर्मरों के बार-बार डैमेज होने और समय पर सुधार न होने के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई क्षेत्रों में 8 से 10 दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने कड़ा रुख अपनाया और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।
इस कार्रवाई के तहत एक्सईएन विपिन कुमार सहित दो एसडीओ और दो जूनियर इंजीनियर (जेई) को निलंबित किया गया है। वहीं मेरठ के चीफ मुनीश चोपड़ा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता अरशद को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में चेयरमैन आशीष गोयल के हस्तक्षेप के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों और बिजली आपूर्ति व्यवस्था की खराब स्थिति को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने जवाबदेही तय करने का निर्णय लिया।
मेरठ के सौफीपुर और उद्योगपुरम जैसे इलाकों में बड़े ट्रांसफॉर्मर फुंकने के कारण लंबे समय तक बिजली ठप रही, जिससे उद्योगों और आम जनता दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय लोगों में इसको लेकर काफी नाराजगी थी।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई को विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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