सभासद प्रतिनिधि पर संरक्षण देने के आरोप, सीओ सिटी ने जांच के दिए आदेश
फर्रुखाबाद । मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र अंतर्गत हैबतपुर गढ़िया स्थित काशीराम कॉलोनी में आवास आवंटन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। जिन लोगों के नाम पर कॉलोनी के मकान आवंटित हैं, उनमें से कई लोगों ने अपने-अपने आवास किराए पर उठा रखे हैं और अवैध रूप से रकम वसूलने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों द्वारा तो कॉलोनी के मकानों को बेच दिए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार काशीराम कॉलोनी में शासन द्वारा गरीब और पात्र लोगों को दिए गए आवासों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। आवंटन शर्तों के बावजूद मकानों को किराए पर देना और बेचना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह पूरा खेल वहां के सभासद प्रतिनिधि रावेश की देखरेख में चल रहा है। आरोप है कि अवैध किरायेदारी और मकान बिक्री से सभासद प्रतिनिधि को खासा मुनाफा भी हो रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन कॉलोनी में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हाल ही में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में नगर क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय द्वारा काशीराम कॉलोनी में चलाए गए वेरिफिकेशन अभियान के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिससे कॉलोनी में रह रहे लोगों की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए।
जब इस पूरे मामले को लेकर सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि
“काशीराम कॉलोनी से जुड़ी शिकायतों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। आमजन ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से किराए पर दिए गए और बेचे गए आवासों को निरस्त कर पात्र जरूरतमंदों को आवंटित किया जाए।
फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।






